उत्तराखंड

देवप्रयाग में अलकनंदा झूला पुल पर आवाजाही पूरी तरह से बंद

नई टिहरी। राजशाही के जमाने में बने अलकनंदा झूला पुल को प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी आखिरकार लोगों की आवाजाही के लिये पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पुल के दोनों सिरों लोनिवि ने पक्की दीवार लगाकर बंद किया है। विरोध करने आये लोगों को पुलिस ने डरा धमकाकर वापस खदेड़ दिया। पुल पर आवाजाही बंद किये जाने से स्थानीय लोगों में भारी रोष बना है, क्षेत्रवासियों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

शनिवार को टिहरी व पौड़ी प्रशासन ने देवप्रयाग में अलकनंदा नदी पर बने झूला पुल पर आवाजाही को पूरी तरह से रोकने के लिए भारी पुलिस फोर्स के की मौजूदगी में लोक निर्माण विभाग ने पुल के दोनों सिरों पर दस फिट ऊंची पक्की ईट की दीवार लगवाई है। बलपूर्वक की जा रही इस कार्यवाही का नगर के लोगों ने विरोध किया, लेकिन मौके मौजूद पुलिस बल के आगे उनकी एक नहीं चली। शनिवार सुबह पुल के रास्ते स्कूल गये छात्र अपने-अपने विद्यालयों में फंस कर रहे गये, पुल पर आवाजाही बंद होने से अभिभावकों और शिक्षकों भी परेशान रहे। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के पुल पर अवाजाही रोके जाने से क्षेत्रवासियों में गहरा रोष बना है।

प्रशासन द्वारा पुल पर आवाजाही रोके जाने से स्कूली बच्चों तथा अन्य लोगों को कुछ मीटर की दूरी तय करने के बजाय अपने घरों तक पहुंचने के लिये अब करीब तीन किमी. का पैदल सफर तय करना पड़ेगा। प्रशासन की इस कार्यवाही से भड़के लोगों ने विधायक, मंत्री, सांसद को क्षेत्र में नहीं घुसने की चेतावनी भी दी। पुल पर आवाजाही बंद करने की कार्यवाही के दौरान पौड़ी जिले से नायब तहसीलदार धर्मेंद्र खत्री,कानूनगो विनोद रतूड़ी, जेई दिग्विजय पुंडीर, थाना प्रभारी बाह बाजार सुनील पंवार, टिहरी जिले से तहसीलदार देवप्रयाग मानवेंद्र बर्तवाल, कानूनगो मदन लाल, कोतवाल देवराज शर्मा आदि मौके पर मौजूद थे। सुधीर मिश्रा, सब्बल सिंह, त्रिवेंद्र सिंह, राजेश ध्यानी, प्रेमलाल, राकेश पंच भैया, अनुसूया सहित कई लोगों ने पुल को बंद किये जाने के विरोध में शामिल थे।

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