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ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा

खत्म हुआ शानदार सफर

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैदान पर अप्रत्याशित प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले मैक्सवेल ने तीनों प्रारूपों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। उनके संन्यास के साथ ही क्रिकेट जगत एक ऐसे खिलाड़ी को अलविदा कहेगा, जिसने कई बार अकेले दम पर मैच का परिणाम बदलने का कारनामा किया।

38 वर्षीय मैक्सवेल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 286 मुकाबले खेले। इस दौरान उन्होंने 7,226 रन बनाने के साथ 136 विकेट भी अपने नाम किए। ‘द बिग शो’ के नाम से मशहूर मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया की 2015 और 2023 वनडे विश्व कप विजेता टीमों का हिस्सा रहे। इसके अलावा 2021 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

संन्यास पर क्या बोले ग्लेन मैक्सवेल?

मैक्सवेल ने ‘द फाइनल वर्ड पॉडकास्ट’ के जरिए अपने संन्यास की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला भावनात्मक रूप से थोड़ा कठिन जरूर है, लेकिन उन्हें इसकी संभावना पहले से महसूस हो रही थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ विक्टोरिया की ओर से 50 ओवर और चार दिवसीय घरेलू क्रिकेट से भी दूरी बनाने का फैसला किया है। मैक्सवेल के मुताबिक, रेड बॉल क्रिकेट को अलविदा कहना शायद किसी के लिए हैरानी की बात नहीं होगी।

2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रखा था कदम

ग्लेन मैक्सवेल ने वर्ष 2012 में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत से ही उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और अलग अंदाज देखने को मिला। बड़े-बड़े शॉट खेलने की क्षमता, नए तरह के स्ट्रोक और दबाव में तेजी से रन बनाने की कला ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट का खतरनाक बल्लेबाज बना दिया।

मैक्सवेल केवल बल्लेबाजी तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही वजह रही कि वह लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई टीम के भरोसेमंद ऑलराउंडर बने रहे।

टी20 अंतरराष्ट्रीय में रोहित शर्मा के बराबर शतक

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैक्सवेल के नाम पांच शतक दर्ज हैं। इस उपलब्धि के साथ वह भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की बराबरी पर हैं। दोनों खिलाड़ी इस प्रारूप में संयुक्त रूप से सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं।

मैक्सवेल की खासियत रही कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी तेजी से रन बनाने का दम रखते थे। उनकी बल्लेबाजी ने कई मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया को हार के मुहाने से बाहर निकाला और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रन की पारी ने रचा था इतिहास

मैक्सवेल के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे शानदार उपलब्धियों में 2023 वनडे विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई नाबाद 201 रन की पारी सबसे खास मानी जाती है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 292 रनों का लक्ष्य मिला था।

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद खराब हो गई थी और टीम ने महज 91 रन पर सात विकेट गंवा दिए थे। ऐसे समय में मैक्सवेल ने मोर्चा संभाला और शारीरिक परेशानियों तथा ऐंठन के बावजूद मैदान पर डटे रहे। उन्होंने 128 गेंदों में नाबाद 201 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनकी इस पारी को वनडे क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।

टेस्ट करियर रहा सीमित, वनडे से पहले ही ले चुके थे संन्यास

मैक्सवेल का टेस्ट क्रिकेट में सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल सात टेस्ट मैच खेले और वर्ष 2017 में अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला खेला। इसके बाद उनका पूरा ध्यान सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहा, जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

वर्ष 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद उन्होंने वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था। एकदिवसीय प्रारूप में उनके नाम 3,990 रन दर्ज हैं। वहीं, उनका आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला इसी साल फरवरी में ओमान के खिलाफ था। अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के साथ मैक्सवेल के लंबे और यादगार सफर का भी अंत हो गया है।

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